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हिंदी व्याकरण पाठमाला
इस पाठमाला में हिंदी व्याकरण के प्रमुख विषयों को क्रमवार पढ़ें। किसी विषय पर क्लिक करके उसके नियम और उदाहरण देखें।
सुझाव: बेहतर तैयारी के लिए विषयों को क्रम से पढ़ें और फिर अभ्यास टैब में प्रश्न हल करें।
1. संज्ञा और सर्वनाम
संज्ञा
किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, गुण या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।सर्वनाम
संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं।2. विशेषण और क्रिया
विशेषण
जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, वे विशेषण कहलाते हैं।क्रिया
जिस शब्द से किसी कार्य के करने या होने का बोध हो, उसे क्रिया कहते हैं।3. लिंग, वचन और कारक
लिंग
संज्ञा के जिस रूप से स्त्री या पुरुष जाति का बोध हो, उसे लिंग कहते हैं।वचन
शब्द के जिस रूप से एक या अनेक का बोध हो, उसे वचन कहते हैं।कारक
संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के दूसरे शब्दों से संबंध बताने वाले रूप को कारक कहते हैं।4. काल और वाच्य
काल
क्रिया के जिस रूप से कार्य के समय का बोध हो, उसे काल कहते हैं।भूत: वह पढ़ता था।
भविष्यत्: वह पढ़ेगा।
वाच्य
क्रिया के जिस रूप से कर्ता, कर्म या भाव की प्रधानता का बोध हो, उसे वाच्य कहते हैं।कर्मवाच्य: राम द्वारा पत्र लिखा जाता है।
5. संधि और समास
संधि
दो वर्णों के मेल से होने वाले ध्वनि-परिवर्तन को संधि कहते हैं।समास
दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बने संक्षिप्त शब्द को समास कहते हैं।6. उपसर्ग और प्रत्यय
उपसर्ग
शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन करने वाला अंश उपसर्ग कहलाता है।प्रत्यय
शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाने वाला अंश प्रत्यय कहलाता है।7. वर्तनी और वाक्य-शुद्धि
शब्दों की सही वर्तनी और व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध वाक्य लिखने का अभ्यास करें।
शुद्ध: मुझे बहुत प्रसन्नता हुई।
शुद्ध: उसने मुझे बुलाया।
8. पर्यायवाची, विलोम और मुहावरे
पर्यायवाची
समान या लगभग समान अर्थ वाले शब्द।विलोम
विपरीत अर्थ वाले शब्द।मुहावरा
विशेष अर्थ देने वाला प्रचलित वाक्यांश।50 महत्वपूर्ण मुहावरे: अर्थ एवं वाक्य-प्रयोग
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण मुहावरों के अर्थ समझें और उनके वाक्य-प्रयोग पढ़ें।
- आँखों का तारा — बहुत प्रिय व्यक्ति। प्रयोग: मोहन अपनी माँ की आँखों का तारा है।
- आँखें दिखाना — धमकाना। प्रयोग: अधिकारी ने लापरवाह कर्मचारी को आँखें दिखाईं।
- आँखों में धूल झोंकना — धोखा देना। प्रयोग: ठग ने लोगों की आँखों में धूल झोंक दी।
- आँखें चुराना — सामना करने से बचना। प्रयोग: वह शिक्षक से आँखें चुराने लगा।
- आसमान सिर पर उठाना — बहुत शोर मचाना। प्रयोग: बच्चों ने आसमान सिर पर उठा लिया।
- आग में घी डालना — झगड़ा बढ़ाना। प्रयोग: उसकी बातों ने आग में घी डाल दिया।
- ईंट का जवाब पत्थर से देना — कड़ा प्रतिकार करना। प्रयोग: सैनिकों ने हमले का ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
- उँगली पर नचाना — अपने वश में रखना। प्रयोग: वह सबको उँगली पर नचाता है।
- उल्टी गंगा बहाना — परंपरा के विरुद्ध काम करना। प्रयोग: उसने उल्टी गंगा बहा दी।
- एक और एक ग्यारह होना — एकता में शक्ति होना। प्रयोग: मिलकर काम करने से एक और एक ग्यारह हो गए।
- कमर कसना — तैयार हो जाना। प्रयोग: विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए कमर कस ली।
- कलेजा मुँह को आना — बहुत डर जाना। प्रयोग: दुर्घटना देखकर मेरा कलेजा मुँह को आ गया।
- कान भरना — किसी के विरुद्ध भड़काना। प्रयोग: उसने मालिक के कान भर दिए।
- कान खड़े होना — सतर्क हो जाना। प्रयोग: आहट सुनकर चौकीदार के कान खड़े हो गए।
- कान पर जूँ न रेंगना — कोई असर न होना। प्रयोग: समझाने पर भी उसके कान पर जूँ नहीं रेंगी।
- खून-पसीना एक करना — बहुत मेहनत करना। प्रयोग: उसने सफलता के लिए खून-पसीना एक कर दिया।
- खून खौलना — बहुत क्रोध आना। प्रयोग: अन्याय देखकर उसका खून खौल उठा।
- गड़े मुर्दे उखाड़ना — पुरानी बातें फिर उठाना। प्रयोग: बैठक में गड़े मुर्दे उखाड़ने से विवाद बढ़ा।
- गागर में सागर भरना — थोड़े शब्दों में बहुत कुछ कहना। प्रयोग: कवि ने गागर में सागर भर दिया।
- गले पड़ना — अनचाही जिम्मेदारी बन जाना। प्रयोग: यह काम उसके गले पड़ गया।
- घी के दीये जलाना — बहुत खुशी मनाना। प्रयोग: सफलता पर परिवार ने घी के दीये जलाए।
- चाँदी काटना — खूब लाभ कमाना। प्रयोग: उस व्यापारी ने अवसर पर चाँदी काटी।
- चार चाँद लगाना — शोभा बढ़ाना। प्रयोग: उसके गीत ने समारोह में चार चाँद लगा दिए।
- छक्के छुड़ाना — बुरी तरह परास्त करना। प्रयोग: हमारी टीम ने विरोधियों के छक्के छुड़ा दिए।
- छाती पर साँप लोटना — ईर्ष्या होना। प्रयोग: उसकी सफलता देखकर प्रतिद्वंद्वी की छाती पर साँप लोटने लगा।
- जले पर नमक छिड़कना — दुख बढ़ाना। प्रयोग: असफलता पर उसका मजाक उड़ाना जले पर नमक छिड़कना था।
- टस से मस न होना — अपनी जगह से न हटना। प्रयोग: वह अपने निर्णय से टस से मस नहीं हुआ।
- दाँत खट्टे करना — बुरी तरह हराना। प्रयोग: खिलाड़ियों ने विरोधियों के दाँत खट्टे कर दिए।
- दाँतों तले उँगली दबाना — आश्चर्यचकित होना। प्रयोग: करतब देखकर सबने दाँतों तले उँगली दबा ली।
- दाल न गलना — युक्ति सफल न होना। प्रयोग: अधिकारी के सामने उसकी दाल नहीं गली।
- दिन-रात एक करना — बहुत परिश्रम करना। प्रयोग: उसने परीक्षा की तैयारी में दिन-रात एक कर दिया।
- नौ दो ग्यारह होना — भाग जाना। प्रयोग: पुलिस को देखकर चोर नौ दो ग्यारह हो गया।
- नाक कटना — अपमान होना। प्रयोग: उसके व्यवहार से परिवार की नाक कट गई।
- नाक में दम करना — बहुत परेशान करना। प्रयोग: शरारती बच्चों ने सबकी नाक में दम कर दिया।
- नाकों चने चबवाना — बहुत कठिनाई में डालना। प्रयोग: कठिन प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को नाकों चने चबवा दिए।
- पानी-पानी होना — लज्जित होना। प्रयोग: गलती पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया।
- पानी फेरना — प्रयास विफल करना। प्रयोग: एक गलती ने मेहनत पर पानी फेर दिया।
- पेट में चूहे कूदना — बहुत भूख लगना। प्रयोग: सुबह से भूखा हूँ, पेट में चूहे कूद रहे हैं।
- पैरों तले जमीन खिसकना — अचानक स्तब्ध रह जाना। प्रयोग: खबर सुनकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
- फूले न समाना — बहुत प्रसन्न होना। प्रयोग: पुरस्कार पाकर वह फूला नहीं समाया।
- बगलें झाँकना — उत्तर न सूझना। प्रयोग: कठिन प्रश्न सुनकर वह बगलें झाँकने लगा।
- बाल-बाल बचना — बड़ी मुश्किल से बचना। प्रयोग: वह दुर्घटना में बाल-बाल बच गया।
- मुँह की खाना — हार जाना या अपमानित होना। प्रयोग: बिना तैयारी के बहस में उसे मुँह की खानी पड़ी।
- मुँह में पानी आना — खाने की इच्छा होना। प्रयोग: मिठाई देखकर मुँह में पानी आ गया।
- रंगे हाथों पकड़ना — गलत काम करते हुए पकड़ना। प्रयोग: पुलिस ने चोर को रंगे हाथों पकड़ लिया।
- राई का पहाड़ बनाना — छोटी बात को बढ़ाना। प्रयोग: उसने छोटी गलती का राई का पहाड़ बना दिया।
- लोहे के चने चबाना — अत्यंत कठिन काम करना। प्रयोग: कठिन परीक्षा में सफल होने के लिए लोहे के चने चबाने पड़ते हैं।
- हाथ-पाँव फूलना — घबरा जाना। प्रयोग: मंच पर बोलते समय उसके हाथ-पाँव फूल गए।
- हाथ मलना — पछताना। प्रयोग: अवसर निकल जाने पर वह हाथ मलता रह गया।
- हाथ बँटाना — सहायता करना। प्रयोग: सभी ने कार्यक्रम की तैयारी में हाथ बँटाया।
- हवा हो जाना — अचानक गायब हो जाना। प्रयोग: पुलिस को देखकर चोर हवा हो गया।
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